चर्चाओं में 'मैं भी चौकीदार' कैम्पेन

चर्चाओं में 'मैं भी चौकीदार' कैम्पेन

 देश के प्रधान सेवक, चौकीदार नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट कर 'मैं भी चौकीदार' कैम्पेन चालू किया जो अब ट्विटर से लेकर फेसबुक सभी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ट्रेंड करने लगा हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह 'मैं भी चौकीदार' हैशटैग के साथ ट्वीट किया था।

 इस ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा था, 'आपका चौकीदार मजबूती से खड़ा है और देश की सेवा कर रहा है। लेकिन, मैं अकेला नहीं हूं। हर कोई जो भ्रष्टाचार, गंदगी और सामाजिक बुराइयों से लड़ा रहा है, वह चौकीदार है। भारत की प्रगति के लिए जो भी कड़ी मेहनत कर रहा है, वह चौकीदार है। आज हर भारतीय कह रहा है, मैं भी चौकीदार।' इसके साथ ही उन्होंने तीन मिनट 45 सेकंड का वीडियो भी शेयर किया था जिसमें वह कहते हैं कि आप आश्वस्त रहिए, आपका चौकीदार चौकन्ना है। इसके बाद एक गाना बजता है, जिसमें लोगों को यह कहते हुए दिखाया जाता है कि मैं भी चौकीदार हूं।

अब यह अभियान जोर पकड़ता जा रहा हैं। हर कोई खुद को चौकीदार कह रहा हैं, हर गली-मोहल्ले में चौकीदार के ही चर्चे हैं, देश की फिजा में 'मैं भी चौकीदार' का शोर घुल गया हैं। सारा सोशल मीडिया चौकीदारों से भरा पड़ा हैं। बीजेपी के आम कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रेलमंत्री पीयूष गोयल, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, गृह मंत्री राजनाथ सिंह सभी अपने नाम के आगे चौकीदार लगाकर इस अभियान से जुड़ रहे हैं।

आम नागरिक भी अपने प्रधानमंत्री को सपोर्ट करने के लिए, देश के विकास के लिए, भ्रष्टाचार के खिलाफ चौकीदार बनकर साथ खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर चौकीदारों की फ़ौज खड़ी हो रही हैं। देखकर अच्छा लग रहा हैं कि देश का नागरिक अब देश को चोरों से बचाने के लिए चौकीदार बन रहा हैं। पहले कहा जाता था कि हर घर में रावण बैठा इतने राम कहाँ से लाऊँ, लेकिन मोदी ने अपने इस अभियान से घर-घर में, हर गली-चौराहों पर चौकीदार पैदा कर यह बता दिया हैं कि अगर बुराई से लड़ना हैं तो सभी को साथ आकर लड़ना होगा। प्रधानमंत्री का यह अभियान सही मायनों में सफल तभी होगा जब यह चौकीदार सोशल मीडिया से इतर भी बुराइयों, भ्रष्टाचार तथा अन्य समस्याओं के खिलाफ खड़ा होगा।

व्यापक रूप ले चुका ये अभियान नरेंद्र मोदी की सियासी समझ को भी बयाँ करता हैं। उन्होंने काँग्रेस के 'चौकीदार चोर हैं' के नारे के विरोध में पूरे देश को ही चौकीदार बनाकर काँग्रेस को उसी के पैतरे से मात दी। इस अभियान को शुरू कर मोदी ने काँग्रेस के एकमात्र चुनावी नारे को भी उससे छीन लिया। चुनाव की दहलीज पर मोदी द्वारा देश को चौकीदार बनाना निश्चित ही उनकी अनोखी विचार शक्ति स्पष्ट करता हैं। आमतौर पर हमारे देश में चुनावी प्रचारों में किसी परिवार के नाम, नेताओं के नाम, उनकी महानता, देश के लिए की गई सेवा का उल्लेख कर मतदाताओं से वोट मांगे जाते हैं लेकिन यह इस तरह का शायद पहला चुनावी प्रचार हैं जिसमें हमें हमारी जिम्मेदारी दिखाई जा रही है। हमें राष्ट्र के प्रति हमारा कर्तव्य दिखाया जा रहा है। हमें स्वच्छता के प्रति कर्तव्य दिखाया जा रहा है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए यह हमारा कर्तव्य हो जाता हैं कि हम सभी को देशहित में चौकीदार बनना चाहिए। लेकिन यह चौकीदारी सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित न रहे इसका भी ख्याल रखा जाना चाहिए।

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