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करीला धाम : जहाँ विराजती माँ जानकी

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loading... विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं की रमणीय वादियों की गोद में बसा अलौकिक शक्ति और आस्था का केंद्र करीला धाम। शहर के कोलाहल से दूर, शांतिमय वातावरण में हरितमा की चादर ओढ़े विंध्य की हसीन वादियों से घिरा भगवान वाल्मीकि का आश्रम। यहाँ की पावन धरा पर पहुँचते ही सांसारिक मायाजाल में जकड़े मानव की समस्त व्याधियों का समाधान करती हैं माँ जानकी। माँ जानकी का यह मंदिर यहाँ आने वाले हर आगन्तुक को अपनी ओर आकर्षित करने में पूर्णतः सक्षम हैं। वाल्मीकि आश्रम और लव कुश की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध इस पावन भूमि की महिमा अपरंपार हैं। यहाँ का रमणीय वातावरण और माँ जानकी की आलौकिक छटा पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं। बरसात के मौसम में पूरी घाटी हरितमा की चादर ओढ़ लेती हैं, जिसे देखना मनमोहक होता हैं और सर्दियों के समय इन घाटियों पर चाँदी सी चमकती धुंध छा जाती हैं। मंदिर के निकट ही विंध्याचल की घाटियों की तलहटी में माँ जानकी के चरणों को धोती हुई श्वेत धवल चाँदनी सी चमकती कोंचा नदी लहराती हुई चट्टानों के बीच से गुजरती हैं।   जिला मुख्यालय अशोकनगर से 3...
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प्रकृति की होली चढ़ा सूरज दुनिया की सीढ़ी लिए हाथ में गुलाल अपनी लालिमा से रंगने धरती के गाल अपनी लाल चादर उसने सारे जग में फैलाई हैं हर कोने में देखो होली आई हैं, होली आई हैं मंद मंद पवन धरती का आँचल सहलाती हैं पकी खड़ी फसल खेत में लहराती हैं होली आई होली आई पावन गीत गाती हैं खिले उन्नत फूल पलाश के धरती के माथे पर तिलक लगाते हैं झूम झूम कर होली आई होली आई गाते हैं पेड़ो ने भी नया रंग ओढ़ा हैं जितना भी कहे थोड़ा है देख शोभा धरती की कण कण में मस्ती छाई हैं चारों ओर कोयल करती गुंजन कि होली आई हैं निशा की चाँदनी ने भी चाँदी सा रंग घोला हैं डाल पर बैठा हर पंछी डोला हैं हर रंग, फिजा सबने हैप्पी होली बोला हैं @पुरु शर्मा

लौटना चाहता हूँ

लौटना चाहता हूँ ------------------------- लौट जाना चाहता हूँ दोबारा बचपन की उन संकरी सी तंग गलियों में जिनमें सिमटा था जहां सारा समेटना चाहता हूँ उस गली में बिखरे यादों के पत्तों को और सुनना चाहता हूँ उन पत्तों की खड़खड़ाहट का मधुर संगीत महसूस करना चाहता हूँ दोबारा उस गली में गूँजते पदचिन्हों की चाप, देखना चाहता हूँ दोबारा उस बरगद पर चिड़ियों का डेरा जिसकी डालों पर झूलते बीता बचपन मेरा जाना चाहता हूँ उस गली के अंतिम छोर तक और पार करना चाहता हूँ दोबारा  उस पुराने घर की मीठी दहलीज को जिसे लाँघ कर गया था कड़वाहटों की दुनिया में खोलना चाहता हूँ सालों से बंद जर्जर किवाड़ अपने अंतर्मन के जिनमें कैद हैं वक्त की मार से झुक चुके पंछी कई खटखटाना चाहता हूँ बंद कमरे की खिड़की को और ढूढ़ना चाहता हूँ दुबारा उन्ही चारदीवारों में खुद को चढ़ना चाहता हूँ दोबारा उस छत की मुंडेरों पर  जहाँ सूर्य सबसे पहले आकर  अपनी आभा बिखेरता है साफ करना चाहता हूँ एक-दूसरे से गुथे यादों के जालों को और फँस जाना चाहता हूँ दोबारा अतीत के सुनहरे गीतों में फटका...

अभिनंदन की वापसी से सजा सियासी बाजार

अभिनंदन की वापसी से सजा सियासी बाजार भारतीय वायु सेना के जांबाज़ विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान की स्वदेश वापसी से देशभर में खुशी की लहर हैं। लोगों की जुबां पर अभिनंदन के शौर्य और पराक्रम की कहानी हैं, देश का कोना-कोना अभिनंदन के साहस को सलाम कर रहा हैं और उसके पराक्रम के सामने नतमस्तक हैं। होना भी चाहिए क्योंकि विंग कमांडर का साहस अदम्य हैं, अनुकरणीय हैं और गौरवान्वित करने वाला हैं किंतु दुर्भाग्य से इसे बाजार और सियासत की नजर लग गई हैं।  हर कोई अभिनंदन की वीरता को बेचने में लग गया हैं। कोई वोट के लिए, कोई पैसे के लिए, कोई अपने व्यापार के लिए। अभिनंदन के शौर्य को भुनाने के लिए सियासी दल और बाजार मुँह खोले बैठे हैं। सारे रास्ते-चौराहे अभिनंदन और प्रधानमंत्री की तस्वीरों वाले होल्डिंगों से भरे पड़े हैं, चुनावी रथ सेना के शौर्य से लदे हैं। वे अभिनंदन और एयर स्ट्राइक के नाम की बंशी बजा अपने सरकते जनाधार को बचाने तथा लोगों को अपने पाले में करने की जुगत में हैं। एयर स्ट्राइक पर कर्नाटक में एक नेता सीटें गिन रहे हैं। अभिनंदन इन लोगों के लिए सियासी माल बन गए हैं जिसका भरपूर इस्तेमाल स...

चर्चाओं में 'मैं भी चौकीदार' कैम्पेन

चर्चाओं में 'मैं भी चौकीदार' कैम्पेन  देश के प्रधान सेवक, चौकीदार नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट कर 'मैं भी चौकीदार' कैम्पेन चालू किया जो अब ट्विटर से लेकर फेसबुक सभी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ट्रेंड करने लगा हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह 'मैं भी चौकीदार' हैशटैग के साथ ट्वीट किया था।  इस ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा था, 'आपका चौकीदार मजबूती से खड़ा है और देश की सेवा कर रहा है। लेकिन, मैं अकेला नहीं हूं। हर कोई जो भ्रष्टाचार, गंदगी और सामाजिक बुराइयों से लड़ा रहा है, वह चौकीदार है। भारत की प्रगति के लिए जो भी कड़ी मेहनत कर रहा है, वह चौकीदार है। आज हर भारतीय कह रहा है, मैं भी चौकीदार।' इसके साथ ही उन्होंने तीन मिनट 45 सेकंड का वीडियो भी शेयर किया था जिसमें वह कहते हैं कि आप आश्वस्त रहिए, आपका चौकीदार चौकन्ना है। इसके बाद एक गाना बजता है, जिसमें लोगों को यह कहते हुए दिखाया जाता है कि मैं भी चौकीदार हूं। अब यह अभियान जोर पकड़ता जा रहा हैं। हर कोई खुद को चौकीदार कह रहा हैं, हर गली-मोहल्ले में चौकीदार के ही चर्चे है...

शहर की दहलीज पर

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शहर की दहलीज पर सुविधाओं के लिए जूझता एक कस्बा,  जो खड़ा हैं दहलीज पर शहर की, शहर होने के लिए इस उम्मीद के साथ,  कि होती योजनाओं की बारिश में कुछ बूंदे उस पर भी गिरे,  गिरती बूंदों को वह समाँ सके अपने धरातल पर,  समेट सके उन्हें अपने आँचल में, इन बूंदों के सहारे,  तृप्त कर सकें अपने दशकों की पिपासा को, खत्म कर सके सुविधाओं के सूखे को  और बो सके कुछ बीज विकास के, हाँ एक कस्बा खड़ा हैं, दहलीज पर शहर की, शहर होने के लिए इस उम्मीद के साथ, कि आये सुविधाओं की सुनामी और बहा ले जाये सारी अव्यवस्थाओं को तोड़ दे सारी बंदिशें,  मिटा दे सारी अड़चने  और बहा ले जाएं कस्बे को,  दहलीज के पार शहर की। @पुरु शर्मा

चुनावी पावरप्ले शुरू

मितरों चुनावी पावरप्ले शुरू हो चूका है। सरकारी टीम के घोषणाओं के चौके-छक्के पर लगाम लग चुकी है और इस पावरप्ले के लागू होते ही सभी पावर वालों का पावर छीन गया और अब ऐसी स्थिति में ये शीघ्र ही आपके घर की कूच करेंगे और आपसे उनकी टीम की तरफ से खेलने के लिए साम, दण्ड, भेद सभी तरह से आकर्षित करेंगे। और साथ ही बहुत सी टीमें भी हैं मैदान में जो इस चुनावी मैच में अपनी किस्मत आजमा रही। वो भी आपको तरह-तरह के प्रलोभन द्वारा अपनी तरफ करने का भरपूर  प्रयास करेंगी। कुल मिला कर मैच में मजा बहुत आना है। इस पावरप्ले में जनता ही मैच विनर प्लेयर होगी, सो जनता की खातिरदारी भी खूब होगी और हाँ मैच का परिणाम 11 दिसंबर को आएगा। इस पावरप्ले में चुनाव आयोग ही सर्वशक्तिशाली खिलाडी होगा और साथ ही फ़ील्ड और थर्ड अंपायर भी।